Candle Making Business Idea: मोमबत्ती बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करे {2025}

Mombatti Banane Ka Business: आज के समय में मोमबत्तियाँ केवल अंधेरे को रोशन करने का काम नहीं करतीं, बल्कि यह एक प्रमुख फैशन और डेकोर आइटम बन चुकी हैं। यदि आप अपने खुद का मोमबत्ती का बिजनेस शुरू करने का सोच रहे हैं, तो यह एक बेहतरीन अवसर हो सकता है।

सही तरीके से शुरू किया गया मोमबत्ती का व्यवसाय न केवल एक लाभकारी क्षेत्र हो सकता है, बल्कि इससे आप अपनी रचनात्मकता को भी दिखाकर पैसे कमा सकते हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि मोमबत्ती का बिजनेस कैसे शुरू करें, मोमबत्ती बनाने में कितना खर्च आता है, कैंडल मेकिंग बिजनेस के लिए किस सामग्री की जरूरत होगी, मोमबत्ती बनाने वाली मशीन की कीमत क्या है, और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

Table of Contents

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस

यह व्यवसाय उन लोगों के लिए आदर्श है जो अपनी कला और कौशल को एक व्यावसायिक रूप में बदलना चाहते हैं। खासकर अब जब घरों में सजावट, मूड लाइटिंग और एरोमाथेरेपी की बढ़ती मांग है, मोमबत्तियाँ एक आवश्यक उत्पाद बन गई हैं। इसके अलावा, इवेंट्स, त्योहारों और खास अवसरों पर मोमबत्तियाँ एक महत्वपूर्ण उपहार के रूप में भी इस्तेमाल होती हैं।

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको सही सामग्री की आवश्यकता होगी जैसे कि मोम, बत्तियाँ, रंग, खुशबू और पैकिंग सामग्री। फिर, आपको यह तय करना होगा कि आप किस प्रकार की मोमबत्तियाँ बनाना चाहते हैं – क्या यह सजावटी मोमबत्तियाँ होंगी, एरोमाथेरेपी मोमबत्तियाँ या फिर उपहार मोमबत्तियाँ।

एक बार जब आप इन पहलुओं को तय कर लें, तो एडवरटाइजमेंट और बिक्री की रणनीतियाँ बनानी होंगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे ई-कॉमर्स वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से इस व्यापार को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। इस लेख में हम सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

Candle Making Business Course

यदि आप मोमबत्ती बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी हो जाता है इसके पूरे प्रोसेस को सीखना और समझना। सही तकनीक और बाजार रणनीतियों को जानने समझने के लिए कैंडल मेकिंग बिजनेस कोर्स आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इस कोर्स में आपको कैंडल बनाने की मूलभूत से लेकर एडवांस तकनीकों तक की जानकारी दी जाती है।

कोर्स में क्या सिखाया जाता है?

  1. कैंडल मेकिंग की मूल बातें – मोम के प्रकार, सही बत्ती का चुनाव, खुशबू और रंग जोड़ने की तकनीक।
  2. विभिन्न प्रकार की कैंडल बनाना – सुगंधित कैंडल, जैल कैंडल, डेकोरेटिव कैंडल, और सोया वैक्स कैंडल।
  3. प्रोडक्शन और पैकेजिंग – कैंडल की गुणवत्ता को बढ़ाने और आकर्षक पैकिंग करने के तरीके।
  4. बिजनेस और मार्केटिंग – प्राइसिंग, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री, ब्रांडिंग और मार्केटिंग रणनीतियाँ।
  5. लाइसेंस और कानूनी जानकारी – बिजनेस रजिस्ट्रेशन, ट्रेडमार्क और जरूरी परमिट।

कोर्स कहां से करें?

यह कोर्स आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (Udemy, Coursera, YouTube) से या किसी स्थानीय ट्रेनिंग सेंटर से कर सकते हैं। कुछ संस्थान सर्टिफिकेट भी प्रदान करते हैं, जो बिजनेस स्टार्टअप में मदद कर सकता है।

अगर आप मोमबत्ती बनाना सीखना चाहते है और इससे जुड़े कोर्स करना चाहते है तो ये कुछ प्रसिद्ध संस्थान है।

  • डॉ राजेन्द्र प्रसाद मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, पटना, 
  • मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, देहरादून
  • वुलन होजरी ट्रेनिंग सेंटर, लखनऊ
  • खादी ग्रामोद्योग विद्यालय, वीरापंडी
  • मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर राजघाट, नई दिल्ली 
  • खादी ग्रामोद्योग विद्यालय, बाराबंकी

भारत में मोमबत्ती बिजनेस का भविष्य

भारत में मोमबत्ती उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी मांग और अधिक बढ़ने की संभावना है। 2020 में भारतीय मोमबत्ती बाजार 715 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, और अनुमान है कि 2028 तक यह 1,338 करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह उद्योग हर साल 8% की दर से वृद्धि कर रहा है, जो इसे एक आकर्षक व्यवसायिक अवसर बनाता है।

  1. शहरी बाजार: शहरी क्षेत्रों में मोमबत्तियों की मांग सजावट, एरोमाथेरेपी और गिफ्टिंग के लिए तेजी से बढ़ रही है। लोग घरों में सुगंधित और डिजाइनर मोमबत्तियाँ पसंद कर रहे हैं, जिससे प्रीमियम और हैंडमेड मोमबत्तियों की बिक्री बढ़ रही है। ऑनलाइन शॉपिंग और ब्रांडेड उत्पादों की ओर झुकाव के कारण यह बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है।
  2. ग्रामीण बाजार: ग्रामीण इलाकों में मोमबत्तियाँ पारंपरिक उपयोग जैसे बिजली कटौती के दौरान रोशनी के लिए प्रमुख रूप से खरीदी जाती हैं। त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और सस्ते वैकल्पिक प्रकाश स्रोत के रूप में इनकी मांग बनी रहती है। हालांकि, धीरे-धीरे ग्रामीण उपभोक्ता भी सजावटी और खुशबूदार मोमबत्तियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

मोमबत्ती का बिजनेस कैसे शुरू करें?

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस (Candle Making Business) को छोटे पैमाने पर शुरू किया जा सकता है और यह एक बहुत ही लाभदायक व्यापार है। वर्तमान में सुगंधित, डेकोरेटिव और कस्टमाइज्ड मोमबत्तियों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे यह बिजनेस अच्छा मुनाफा कमा सकता है। यदि आप भी मोमबत्ती बिजनेस (Mombatti Business) को शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स आपकी मदद करेंगे।

1. बिजनेस प्लान तैयार करे

मोमबत्ती बनाने के बिजनेस को शुरू करने के लिए 10,000 रुपए से 1 लाख रुपए की जरूरत होती है। हालांकि यदि आपके पास इतना निवेश नही है तो आप बिजनेस लोन ले सकते है। लेकिन कैंडल मेकिंग बिजनेस लोन के लिए आवेदन हेतु सबसे पहले बिजनेस प्लान (Mombatti banane ka business plan) तैयार कर ले। यहां हमने बिजनेस पालन का उदाहरण दिया है:

ABC Candle Company – बिजनेस प्लान (लोन हेतु आवेदन)

परिचय: ABC Candle Company एक उभरता हुआ स्टार्टअप है जो हैंडमेड, सुगंधित और डेकोरेटिव मोमबत्तियाँ बनाने में विशेषज्ञता रखता है। हमारे उत्पाद उच्च गुणवत्ता वाले वैक्स, नैचुरल एरोमा और आकर्षक डिजाइनों के साथ तैयार किए जाते हैं। वर्तमान में, भारत में कैंडल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और 2028 तक 1,338 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। हमारा लक्ष्य इस उद्योग में एक मजबूत ब्रांड स्थापित करना है।

लोन की आवश्यकता और उपयोग

हम अपने बिजनेस को शुरू करने के लिए ₹10 लाख के लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिसका उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा:

  1. मशीनरी और उपकरण खरीद: मोम पिघलाने की मशीन, मोल्ड्स, विक सेटिंग मशीन – ₹4 लाख
  2. कच्चा माल खरीद: वैक्स, विक, रंग, खुशबू – ₹2 लाख
  3. मार्केटिंग और ब्रांडिंग: पैकेजिंग, वेबसाइट, सोशल मीडिया प्रमोशन – ₹2 लाख
  4. कार्यशाला और वेयरहाउस सेटअप: किराया और बिजली खर्च – ₹1.5 लाख
  5. लाइसेंस और कानूनी प्रक्रिया: GST, ट्रेडमार्क – ₹50,000

रणनीति और लाभ: हमारी मोमबत्तियाँ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (Amazon, Flipkart) और खुद की वेबसाइट के माध्यम से बेची जाएंगी। इसके अलावा, बुटीक स्टोर्स और होलसेल डीलर्स के साथ टाई अप किया जाएगा।

2. मोमबत्ती बनाने के बिजनेस के लिए लोन ले

मोमबत्ती बिजनेस शुरू करने के लिए शुरुआत में थोड़ी पूंजी की जरूरत होती है। यदि आपके पास पर्याप्त निवेश नहीं है, तो आप विभिन्न सरकारी और निजी योजनाओं के तहत लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए अपना बिजनेस प्लान लेंडर के पास जाएं।

लोन कहां से मिलेगा?

  1. PM Mudra Yojana: इस योजना के तहत छोटे व्यापारियों को 50,000 रुपये से 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है।
  2. स्टार्टअप इंडिया योजना: नई उद्यमियों के लिए यह एक बेहतरीन योजना है।
  3. बैंक से बिजनेस लोन: आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक से बिजनेस लोन ले सकते हैं।
  4. NBFCs और माइक्रोफाइनेंस कंपनियां: अगर बैंक से लोन नहीं मिलता, तो ये एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

3. मोमबत्ती बिजनेस के लिए जरूरी लाइसेंस लें

मोमबत्ती बनाने का व्यवसाय शुरू करने के लिए कानूनी मान्यता प्राप्त करना आवश्यक है। इससे न केवल आपका व्यापार अधिक विश्वसनीय बन जाएगा, बल्कि आपको सरकारी योजनाओं और सब्सिडी (Mombatti Business Subsidy) का लाभ भी मिल सकता है।

1. ट्रेड लाइसेंस (Trade License):

  • अगर आप मोमबत्ती का बिजनेस शुरू करने जा रहे है तो यह लाईसेंस सबसे जरूरी है।
  • इसे स्थानीय नगर निगम या पंचायत से लिया जाता है।
  • यह सुनिश्चित करता है कि आपका व्यवसाय कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है और सरकारी नियमों का पालन कर रहा है।
  • इसे प्राप्त करने के लिए आपको अपने व्यवसाय का पता, बिजली बिल और अन्य आवश्यक दस्तावेज देने होंगे।

2. GST रजिस्ट्रेशन (Goods and Services Tax)

  • यदि आपकी वार्षिक बिक्री ₹20 लाख से अधिक है, तो GST नंबर लेना अनिवार्य है।
  • यह रजिस्ट्रेशन आपको पूरे भारत में व्यापार करने और थोक विक्रेताओं व रिटेलर्स से व्यवसाय करने में मदद करेगा।
  • आप इसे ऑनलाइन GST पोर्टल www.gst.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

3. MSME रजिस्ट्रेशन (Udyam Registration)

  • यह रजिस्ट्रेशन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (Micro ,Small and Medium) (MSME) को विशेष लाभ देता है।
  • इससे आपको सरकारी योजनाओं, कम ब्याज दर पर लोन और टैक्स में छूट मिल सकती है।
  • इसे Udyam Registration Portal udyamregistration.gov.in पर फ्री में रजिस्टर किया जा सकता है।

4. FSSAI लाइसेंस (अगर सुगंधित मोमबत्तियाँ बना रहे हैं)

  • यदि आपकी मोमबत्तियों में एरोमाथेरेपी या हर्बल सामग्री होती है, तो भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) से लाइसेंस लेना जरूरी हो सकता है।

5. ब्रांड ट्रेडमार्क और कंपनी रजिस्ट्रेशन

  • यदि आप अपने ब्रांड को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  • इससे कोई और आपकी ब्रांड नेम या लोगो का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
  • कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड (Pvt. Ltd.) या एकल स्वामित्व (Sole Proprietorship) के रूप में भी रजिस्टर कराया जा सकता है।

6. आयात-निर्यात कोड (IEC) (अगर अंतरराष्ट्रीय व्यापार करना चाहते हैं)

  • यदि आप अपनी मोमबत्तियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचना चाहते हैं, तो DGFT (Directorate General of Foreign Trade) से IEC कोड प्राप्त करना होगा।
  • इसे ऑनलाइन dgft.gov.in पर आवेदन कर प्राप्त किया जा सकता है।

लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया:

  • सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करें (आधार कार्ड, बिजनेस एड्रेस प्रूफ, बैंक खाता डिटेल, बिजली बिल, आदि)।
  • संबंधित सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • फीस का भुगतान करें (यदि लागू हो तो)।
  • लाइसेंस मिलने में 10 से 30 दिन का समय लग सकता है।

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4. स्थान का चुनाव करें

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस के लिए सही स्थान का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। सही जगह का चयन न केवल उत्पादन को आसान बनाता है, बल्कि लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग में भी मदद करता है। आपके बिजनेस के स्केल के आधार पर, आपको अपनी जरूरतों के अनुसार स्थान चुनना चाहिए:

1. घरेलू स्तर (Small Scale/Home-Based)

  • यदि आप कम पूंजी में शुरुआत कर रहे हैं, तो आप इसे घर से भी शुरू कर सकते हैं।
  • इसके लिए घर का एक अलग कमरा या गैरेज इस्तेमाल कर सकते हैं, जहां वेंटिलेशन अच्छा हो।
  • बिजली और पानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
  • स्टोरेज के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए ताकि कच्चे माल और तैयार उत्पादों को व्यवस्थित और सुरक्षित रखा जा सके।

2. मध्यम स्तर (Medium Scale – Small Workshop/Factory)

  • यदि आप बड़े पैमाने पर उत्पादन करना चाहते हैं, तो औद्योगिक क्षेत्र में एक छोटी वर्कशॉप किराए पर लेना बेहतर होगा।
  • आपको कम से कम 500-1000 स्क्वायर फीट जगह चाहिए होगी।
  • बिजली की अधिक खपत के लिए तीन फेज कनेक्शन लेना आवश्यक हो सकता है।
  • गोदाम (Warehouse) के लिए भी जगह होनी चाहिए ताकि तैयार माल सुरक्षित रखा जा सके।
  • परिवहन सुविधा होनी चाहिए ताकि रॉ मटेरियल और तैयार उत्पाद को आसानी से लाया-ले जाया जा सके।

3. बड़े स्तर (Large Scale – Manufacturing Unit):

  • यदि आप बड़े स्तर पर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो आपको किसी औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area) में एक फैक्ट्री यूनिट की जरूरत होगी।
  • कम से कम 2000-5000 स्क्वायर फीट जगह होनी चाहिए।
  • बड़ी मशीनों को स्थापित करने और कामगारों के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
  • ट्रांसपोर्टेशन के लिए मुख्य सड़कों या लॉजिस्टिक्स केंद्रों के पास यूनिट होनी चाहिए।
  • फायर सेफ्टी और अन्य सरकारी मानकों के अनुसार फैक्ट्री को डिजाइन करना होगा।

मोमबत्ती बनाने के लिए कच्चा माल

मोमबत्ती बनाने के लिए कच्चा माल (Raw Materials) का चुनाव बहुत जरूरी है। अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री से बनी मोमबत्तियाँ न केवल अधिक आकर्षक दिखती हैं, बल्कि उनकी जलने की अवधि भी लंबी होती है। बाजार में कई प्रकार की मोमबत्तियाँ उपलब्ध हैं, जैसे – सुगंधित (Aromatic Candles), जैल कैंडल (Gel Candles), डेकोरेटिव (Decorative Candles) और धार्मिक मोमबत्तियाँ। प्रत्येक प्रकार की मोमबत्ती के लिए अलग-अलग सामग्री की जरूरत होती है।

1. मोम (Wax) – मुख्य सामग्री

मोमबत्ती बनाने की सबसे जरूरी सामग्री मोम होती है। बाजार में अलग अलग प्रकार के मोम उपलब्ध हैं, जिन्हें उनके गुणों के आधार पर चुना जाता है। मोम कई प्रकार के होते है:

  • पैराफिन वैक्स (Paraffin Wax): यह सबसे अधिक उपयोग होने वाला मोम है, जो सस्ता और आसानी से उपलब्ध होता है। इससे चमकदार और टिकाऊ मोमबत्तियाँ बनाई जाती हैं।
  • सोया वैक्स (Soy Wax): यह एक प्राकृतिक मोम है, जो जैविक (Eco Friendly) होने के कारण आजकल अधिक लोकप्रिय हो रहा है।
  • बीज़ वैक्स (Beeswax):यह शुद्ध प्राकृतिक मोम होता है, जिसका उपयोग आमतौर पर प्रीमियम और आर्गेनिक मोमबत्तियाँ बनाने में किया जाता है।
  • जैल वैक्स (Gel Wax): यह पारदर्शी मोम होता है, जिसे आमतौर पर डेकोरेटिव और डिज़ाइनर मोमबत्तियों में उपयोग किया जाता है।

2. बत्ती (Wick) – जलने की अवधि तय करने वाला घटक:

मोमबत्ती की गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण पहलू बत्ती (Wick) होती है। सही बत्ती चुनना आवश्यक है, क्योंकि इससे मोमबत्ती की जलने की अवधि और लौ (Flame) की स्थिरता पर प्रभाव पड़ता है। बत्ती या बाती (ग्रामीण) निम्न प्रकार की होती है:

  • कॉटन विक (Cotton Wick): सबसे आमतौर पर उपयोग की जाने वाली बत्ती, जो सामान्य मोमबत्तियों के लिए उपयुक्त होती है।
  • लकड़ी की बत्ती (Wooden Wick): ये खासतौर पर सुगंधित मोमबत्तियों के लिए उपयोग की जाती हैं और जलने पर हल्की चटकने की आवाज़ (Crackle Effect) देती हैं।
  • ब्रेडेड विक (Braided Wick): यह मोटी और अधिक देर तक जलने वाली बत्ती होती है, जो बड़े साइज की मोमबत्तियों के लिए उपयुक्त होती है।

3. खुशबू (Fragrance Oils)

एरोमाथेरेपी मोमबत्तियों के लिए आवश्यक: अगर आप सुगंधित (Scented) मोमबत्तियाँ बना रहे हैं, तो अच्छी क्वालिटी की खुशबू या एसेंशियल ऑयल (Essential Oils) का उपयोग करना जरूरी है। लोकप्रिय सुगंधो में निम्न सुगंधे शामिल है:

  • लैवेंडर (Lavender) – रिलैक्सेशन के लिए
  • रोज़ (Rose) – रोमांटिक माहौल के लिए
  • चंदन (Sandalwood) – धार्मिक और ध्यान (Meditation) के लिए
  • वेनिला (Vanilla) – मिठास और गर्मजोशी का अहसास देने के लिए

4. रंग (Dyes & Pigments)

आकर्षक लुक के लिए: मोमबत्तियों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए उनमें रंगों का उपयोग किया जाता है।

  • लिक्विड डाई (Liquid Dye): यह मोम के साथ जल्दी घुल जाता है और एक समान रंग प्रदान करता है।
  • पाउडर डाई (Powdered Dye): यह ज्यादा टिकाऊ और हाई-क्वालिटी वाला रंग होता है।
  • पिगमेंट चिप्स (Pigment Chips): ये छोटे टुकड़ों में उपलब्ध होते हैं और अधिक गहरे रंग की मोमबत्तियाँ बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

5. मोल्ड्स (Molds)

मोमबत्ती के आकार और डिज़ाइन के लिए सांचों का उपयोग किया जाता है। मोम को सही आकार देने के लिए मोल्ड्स का उपयोग किया जाता है। मोमबत्ती के सांचे निम्न प्रकार के होते है:

  • सिलिकॉन मोल्ड (Silicone Molds):ये फ्लेक्सिबल होते हैं और डेकोरेटिव मोमबत्तियों के लिए उपयोग किए जाते हैं।
  • मेटल मोल्ड (Metal Molds): यह टिकाऊ होते हैं और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं।
  • प्लास्टिक मोल्ड (Plastic Molds): सस्ते और हल्के होते हैं, लेकिन ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर सकते।

6. ब्रांडिंग और पैकिंग के लिए सामग्री

बाजार में अपनी मोमबत्तियों को आकर्षक दिखाने और ब्रांडिंग के लिए पैकेजिंग पर ध्यान देना जरूरी है।

  • लेबल और स्टिकर– ब्रांडिंग और जानकारी देने के लिए
  • गिफ्ट बॉक्स और पैकेट्स – त्योहारों और स्पेशल एडिशन कैंडल्स के लिए
  • पेपर बॉक्स और इको-फ्रेंडली पैकेजिंग – ग्राहक की बढ़ती मांग को देखते हुए पर्यावरण अनुकूल पैकिंग का चलन बढ़ रहा है

मोमबत्ती बनाने की मशीनें (Candle Making Machine)

मोमबत्ती बनाने के लिए बाजार में अलग-अलग प्रकार की मशीनें उपलब्ध हैं, जो मोमबत्ती बनाने की क्षमता, श्रम बल की आवश्यकता और स्वचालन स्तर के आधार पर भिन्न होती हैं।

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस

मैनुअल मोमबत्ती बनाने की मशीन

यह सबसे किफायती होती हैं, जिनकी कीमत ₹10,000 से ₹30,000 तक होती है। इसे हाथ से संचालित किया जाता हैं और इनमें बिजली की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन उत्पादन क्षमता कम होती है, जिससे यह छोटे स्तर के मोमबत्ती बिजनेस के लिए उपयुक्त है। यह मशीन एक घंटे में लगभग 50-100 मोमबत्तियाँ बना सकती है और इसके संचालन में दो-तीन लोगों की जरूरत होती है।

सेमी-ऑटोमैटिक मोमबत्ती बनाने की मशीन

यह मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए आइडल होती हैं, जिनकी कीमत ₹50,000 से ₹1,50,000 के बीच होती है। ये मशीनें आंशिक रूप से स्वचालित होती हैं, जिससे प्रोडक्टिविटी बढ़ जाती है और कम लेबर की आवश्यकता होती है। एक सेमी-ऑटोमैटिक मशीन प्रति घंटे 200-500 मोमबत्तियाँ बना सकती है और इसे संचालित करने के लिए केवल एक या दो व्यक्तियों की जरूरत होती है।

फुली ऑटोमैटिक मोमबत्ती बनाने की मशीन

इसका उपयोग बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए किया जाता हैं। इनकी कीमत ₹2 लाख से ₹10 लाख तक हो सकती है, लेकिन ये मशीनें पूरी तरह से स्वचालित होती है। एक फुली ऑटोमैटिक मशीन एक घंटे में 2,000 से 10,000 तक मोमबत्तियाँ बना सकती है और इसे चलाने के लिए केवल एक व्यक्ति की जरूरत होती है।

डाई कास्टिंग मशीनें और जेल मोमबत्ती बनाने की मशीन

इसका इस्तेमाल विशेष प्रकार की डिज़ाइनर और फैंसी मोमबत्तियाँ बनाने के लिए किया जाता हैं। इनकी कीमत ₹50,000 से ₹5 लाख तक हो सकती है और यह मशीन एक मिनट में कितनी मोमबत्ती बनाएगी यह मोमबत्ती के डिज़ाइन की जटिलता पर निर्भर करता है। इन मशीनों में बिजली की खपत ज्यादा होती है और इसे चलाने के लिए 1-2 लोगों की जरूरत होती है।

मोमबत्ती बनाने की प्रक्रिया (Candle Making Process)

मोमबत्ती बनाने की प्रक्रिया (Candle Making Process) शुरू करने से पहले, उस स्थान को साफ कर ले जहां आप मोमबत्ती मैन्युफैक्चर करने जा रहे है।

Candle Making Business

सबसे पहले, मोमबत्ती बनाने के लिए पैराफिन वैक्स, सोया वैक्स या जेल वैक्स का चयन करे। इसके बाद, वैक्स को पिघलाने के लिए एक डबल बॉयलर या बड़े बर्तन की जरूरत होती है। पानी को उबालने के लिए नीचे एक बड़ा बर्तन लिया जाता है और उसके ऊपर एक छोटा बर्तन रखा जाता है, जिसमें मोम को धीरे-धीरे पिघलाया जाता है। मोम पिघलने के दौरान इसे हल्की आंच पर लगातार हिलाते रहना चाहिए ताकि यह जले नहीं।

जब मोम पूरी तरह से पिघल जाए, तो इसमें रंग, खुशबू (एसेंशियल ऑयल) और अन्य एडिटिव्स मिलाए, ताकि मोमबत्तियाँ आकर्षक और सुगंधित बनें। अब मोल्ड या कंटेनर तैयार करे, जिसमें मोम डाला जाएगा। इसके लिए पहले से विक्स (कॉटन या वुडन विक्स) को मोल्ड या कांच के जार में सेट करते है। विक्स को सीधा रखने के लिए इसे लकड़ी की छड़ी या क्लिप से बीच में पकड़कर रखा जाता है।

इसके बाद, पिघला हुआ मोम धीरे-धीरे मोल्ड में डाला जाता है और इसे कुछ समय तक ठंडा होने दिया जाता है। मोम ठंडा होते ही सख्त होने लगता है, और इसे पूरी तरह सेट होने में 3 से 4 घंटे लग सकते हैं। यदि मोमबत्ती में हवा के बुलबुले या दरारें आ जाती हैं, तो थोड़ा अतिरिक्त मोम गर्म करके ऊपर से डाल सकते हैं, जिससे सतह चिकनी हो जाएगी।

जब मोम पूरी तरह से जम जाए, तो विक्स को आवश्यकतानुसार काटकर छोटा कर ले और फिर मोमबत्ती को मोल्ड से बाहर निकाल ले। यदि मोमबत्ती को आसानी से निकालने में परेशानी हो रही हो, तो मोल्ड को कुछ सेकंड के लिए गरम पानी में रख सकते हैं। इस तरह आप सुंदर, सुगंधित और टिकाऊ मोमबत्तियाँ बना सकते है।

FAQs

मोमबत्ती बनाने में कितना खर्च आता है?

मोमबत्ती बनाने में खर्च कई कारकों पर निर्भर करता है, भारत में आप 10,000 रुपए में मोमबत्ती का बिजनेस शुरू कर सकते है।

मोमबत्ती बनाने का सांचा कहां मिलता है ?

मोमबत्ती बनाने का सांचा आप ऑनलाइन indimart या अमेजन से खरीद सकते है। ऑफलाइन मार्केट की बात करे तो कानपुर, लखनऊ, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, देहरादून आदि शहरों में सांचे आराम से मिल जायेंगे।

मोमबत्ती बनाने की सामग्री की सूची

मोम, बत्ती, सांचा, सुगंधित तेल, जार आदि का मोमबत्ती बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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